जिला पदाधिकारी अरवल, श्री कुमार गौरव एवं पुलिस अधीक्षक अरवल, डॉ. इनामुलहक मैंगनू की संयुक्त अध्यक्षता में समाहरणालय सभाकक्ष में ईद, छठ एवं रामनवमी पर्व 2025 के अवसर पर जिला शांति समिति से संबंधित बैठक आयोजित की गई। बैठक में पर्वों को सौहार्दपूर्ण वातावरण में सम्पन्न कराने के लिए संबंधित अधिकारियों और राजनीतिक प्रतिनिधियों के साथ विचार-विमर्श किया गया।
जिला पदाधिकारी ने सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों, अंचलाधिकारियों और थानाध्यक्षों को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में सभी पंचायतों का निरीक्षण करें और विधि-व्यवस्था और सौहार्दपूर्ण स्थिति को सुनिश्चित करें। इसके अलावा, उन्होंने पुलिस प्रशासन को अलर्ट रहने की सलाह दी और कहा कि यदि छोटे-छोटे मुद्दों पर साम्प्रदायिक विवाद की संभावना हो तो तुरंत शांति समिति की बैठक आयोजित की जाए।
जिला पदाधिकारी ने यह भी निर्देशित किया कि अशांति फैलाने वालों पर कड़ी नजर रखी जाए और रैपिड एक्शन टीम को महत्वपूर्ण स्थलों पर तैनात किया जाएगा। साथ ही, सभी अस्पताल कर्मियों को भी तैयार रहने का निर्देश दिया गया। पुलिस को मद्य निषेध के साथ-साथ नशे के सेवन पर प्रभावी रोक लगाने की सलाह दी गई, ताकि असामाजिक तत्वों द्वारा माहौल न बिगड़े।
ईद की नमाज के दौरान अतिरिक्त सतर्कता बरतने की बात कहते हुए, उन्होंने कहा कि दंडाधिकारी भ्रमणशील रहेंगे और सभी नमाज स्थलों एवं ईदगाहों के पास सफाई की व्यवस्था कार्यपालक पदाधिकारी नगर परिषद और संबंधित प्रखंड विकास पदाधिकारियों द्वारा सुनिश्चित की जाएगी।
रामनवमी के अवसर पर निकलने वाले जुलूस के दौरान मुख्य स्थलों पर सीसीटीवी और ड्रोन कैमरा से निगरानी की जाएगी, और विद्युत विभाग को निर्देशित किया गया कि जर्जर तारों की मरम्मत कार्य शीघ्र पूरा किया जाए।
बैठक में उपस्थित राजनीतिक जनप्रतिनिधियों ने बताया कि जिले में अब तक विधि व्यवस्था को लेकर कोई समस्या नहीं आई है और अरवल जिला हमेशा से साम्प्रदायिक सौहार्द का प्रतीक रहा है, जहां हिंदू और मुस्लिम भाईचारे के साथ रहते हैं।
जिला पदाधिकारी ने प्रखंड विकास पदाधिकारियों को छठ घाटों की सफाई और उचित प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया, साथ ही छठ घाटों पर गोताखोरों की तैनाती और महिलाओं के लिए चेंजिंग रूम की व्यवस्था करने का भी निर्देश दिया।
बैठक में जिला नगर परिषद अध्यक्षा, जिला बंदोबस्त पदाधिकारी, अपर समाहर्ता, उप विकास आयुक्त, विशेष कार्य पदाधिकारी, जिला जन संपर्क पदाधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचलाधिकारी, सभी थाना प्रभारी, जिला स्तरीय पदाधिकारी और विभिन्न दलों के राजनीतिक प्रतिनिधि उपस्थित थे।