अरवल जिले के सरौती पंचायत को सुपोषित पंचायत अभियान के तहत चयनित किया गया है। इस अभियान के अंतर्गत बिहार राज्य के 35 पंचायतों का चयन किया गया है।
जिला पदाधिकारी अरवल के निदेशानुसार, सरौती ग्राम पंचायत के सभी वार्ड सदस्यों, पंचायत मुखिया, जीविका प्रखंड परियोजना प्रबंधक, प्रखंड पंचायती राज पदाधिकारी, बाल विकास परियोजना पदाधिकारी, महिला पर्यवेक्षिका, प्रखंड समन्वयक पोषण अभियान और प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधक सहित अन्य अधिकारियों को जिला स्तरीय प्रशिक्षण का आयोजन रॉयल रिसोर्ट अरवल में किया गया।
इस कार्यक्रम की शुरुआत जिला प्रोग्राम पदाधिकारी श्रीमती रचना सिंहा द्वारा दीप प्रज्वलित कर की गई। इस मौके पर उन्होंने कहा कि यह गर्व की बात है कि सरौती पंचायत को पूरे जिले में सुपोषित पंचायत अभियान के लिए चुना गया है। इसके तहत पोषण सेवाओं और उनकी गुणवत्ता में सुधार लाने के लिए विभिन्न गतिविधियों और विभागीय समन्वय से सरौती पंचायत को सुपोषित ग्राम पंचायत बनाया जाएगा। इस कार्य में पीरामल फाउंडेशन की टीम द्वारा भी तकनीकी सहयोग प्रदान किया जा रहा है।
पीरामल फाउंडेशन के जिला प्रतिनिधि नीरज कुमार ने सुपोषित ग्राम पंचायत के प्रमुख उद्देश्य पर चर्चा की, जिसमें बच्चों, गर्भवती महिलाओं, धात्री महिलाओं और किशोरी बालिकाओं के पोषण स्तर में सुधार करना और सामुदायिक स्वामित्व को बढ़ावा देना शामिल है।
जिला समन्वयक सुरज कुमार ने जानकारी दी कि भारत सरकार के दल द्वारा चार प्रमुख घटकों का सत्यापन किया जाएगा: मातृ एवं शिशु देखभाल, सेवाओं में संतुष्टि, आंगनवाड़ी केंद्रों का बुनियादी ढांचा, और आहार विविधता संबंधी कार्य। इस सत्यापन के बाद पंजाब और केंद्रीय टीम द्वारा अंक प्रदान किए जाएंगे।
उन्होंने बताया कि सुपोषित ग्राम पंचायत के लिए सभी घटकों में पास होना अनिवार्य होगा। इसके अंतर्गत 21 दिन से अधिक आंगनवाड़ी केंद्रों का खुलना, शतप्रतिशत पंजीयन और बच्चों का वजन मापना, टेक-होम राशन वितरण, और आंगनवाड़ी केंद्रों में मूलभूत सुविधाओं की स्थिति का सत्यापन किया जाएगा।
सुपोषित ग्राम पंचायत योजना के तहत भारत सरकार द्वारा 1000 पंचायतों का चयन किया गया है। चयनित पंचायत को एक लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी, जिसका उपयोग पोषण वाटिका, पंचायत स्तरीय गतिविधियों और आंगनवाड़ी केंद्रों के बुनियादी ढांचे को सुधारने के लिए किया जाएगा।
इस कार्यशाला में जिला मिशन समन्वयक धीरेन्द्र कुमार, जिला परियोजना सहायक एनएनम शशिकांत कुमार, प्रखंड समन्वयक रिशु कुमार, महिला पर्यवेक्षिका और अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।