दिल्ली जीतने के बाद भाजपा की बढ़ी मुश्किलें: अब मणिपुर में दो मुख्यमंत्री बनाना होगा

Satveer Singh
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दिल्ली जीतने के बाद भाजपा की बढ़ी मुश्किलें: अब मणिपुर में दो मुख्यमंत्री बनाना होगा

नई दिल्ली: भाजपा के लिए दिल्ली विधानसभा चुनाव में जीत के बाद मणिपुर में मुख्यमंत्री के चयन को लेकर नई चुनौती आ खड़ी हुई है। 3 मई 2023 से मणिपुर में शुरू हुई मैतेई और कुकी समुदायों के बीच हिंसा की स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने इस्तीफा दे दिया। अब भाजपा के सामने यह कठिन सवाल खड़ा हो गया है कि मणिपुर में नया मुख्यमंत्री कौन बनेगा।


भा.ज.पा. को मणिपुर में मुख्यमंत्री चुनते समय दो महत्वपूर्ण पहलुओं को ध्यान में रखना होगा। यदि मुख्यमंत्री मैतेई समुदाय से हुआ, तो कुकी समुदाय नाराज हो सकता है, वहीं अगर मुख्यमंत्री कुकी समुदाय से हुआ, तो मैतेई समुदाय असंतुष्ट हो सकता है। अगर भाजपा ने किसी तीसरे समुदाय के व्यक्ति को मुख्यमंत्री बना दिया, तो दोनों समुदायों की नाराजगी का सामना करना पड़ सकता है।


यह स्थिति भाजपा के लिए एक बड़ी राजनीतिक चुनौती बन गई है, क्योंकि मणिपुर में दोनों समुदायों के बीच तनाव बढ़ चुका है और पार्टी को इस समस्या का संवेदनशीलता से समाधान निकालना होगा। इस मसले पर भाजपा के नेताओं की कई दौर की बैठकें हो सकती हैं, ताकि किसी भी समुदाय की नाराजगी से बचते हुए स्थिति को स्थिर किया जा सके।


अब देखना यह है कि भाजपा किस रणनीति के तहत मणिपुर में स्थिरता लाने में सफल होती है और कौन होगा वह नेता जो दोनों समुदायों के विश्वास को जीत सके।

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