हिमांशु का आरोप है कि परीक्षा केंद्र में उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया और जब उसने अपनी स्थिति स्पष्ट करने की कोशिश की, तो उसे और अधिक पिटाई की गई। हिमांशु ने कहा कि उसके साथ हुए इस व्यवहार के कारण वह परीक्षा ठीक से नहीं लिख पाया और मानसिक तनाव के कारण उसका प्रदर्शन प्रभावित हुआ।
हिमांशु कुमार ने जिला शिक्षक पदाधिकारी को पत्र लिखकर इस घटना की जांच करने और दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि वह गलत छात्र पाए जाते हैं, तो उन्हें सजा दी जाए, और यदि ऐसा नहीं है, तो उन्हें न्याय मिले।
हिमांशु ने अपने पत्र में यह भी उल्लेख किया कि परीक्षा केंद्र पर जो बर्ताव उसके साथ किया गया, उससे उसकी परीक्षा में ध्यान केंद्रित करने में कठिनाई हुई और परिणामस्वरूप वह परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त करने में असमर्थ रहा।
यह घटना परीक्षा केंद्रों पर छात्रों के साथ होने वाले अनुशासन और उनके अधिकारों को लेकर गंभीर सवाल उठाती है।